भगवान परशुराम जयंती के शुभ अवसर पर ब्रह्मर्षि (भूमिहार ब्राह्मण) समाज के जिला अध्यक्ष श्री शिव गोविंद राय जी के आवास कैलाशपुरी पर भगवान परशुराम की जयंती बड़ी धूमधाम से हवन पूजन एवं शंखनाद के साथ दोपहर 11:30 बजे सम्पन्न हुई।
अध्यक्ष समेत भक्तों ने भगवान परशुराम के बारे में जो प्रमुख रूप से बताया कि भगवान परशुराम विष्णु के छठे अवतार थे भगवान परशुराम एक अद्वितीय योध्या ऋषि है जो अपनी वीरता पितृभक्ति और न्याय के लिए जाने जाते हैं वे शास्त्र और शास्त्र दोनों में निपुण थे ।भगवान परशुराम ने भीष्म द्रोणाचार्य और कारण जैसे योद्धाओं को शस्त्र विद्या सिखाया था भगवान परशुराम शिव के शिष्य थे और भगवान शिव से ही युद्ध कला और अन्य विद्याएं सीखी थी भगवान परशुराम धरती पर वैदिक संस्कृति का प्रचार प्रसार किया और भारत के अधिकांश ग्राम उनके द्वारा ही बताए गए आप क्रोधी स्वभाव के थे लेकिन उनका क्रोध हमेशा धर्म और न्याय की रक्षा के लिए होता था। परशुराम को चिरंजीवी माना जाता है जो आज भी जीवित है भगवान परशुराम की प्रमुख उपलब्धियां अत्याचारी हय हय क्षत्रियों का नाश कर धरती पर संतुलन की स्थापना को कायम किए।
आप भगवान शिव से परशुराम जी ने परसा प्राप्त किया था।
भगवान शिव के दर्शन की जिद और श्री गणेश द्वारा रोके जाने से दोनों के बीच युद्ध हुआ श्री गणेश जी ने अपने पिता शिव के आदेश का सम्मान करते हुए कैलाश पर्वत पर जाने से परशुराम जी रोका और जिससे क्रोध के कारण उनके परसा प्रहार से उनका दया दांत टूट गया ।
परशुराम जी भगवान शिव के परम शिष्य थे और उन्होंने शिव जी से ही शास्त्र विद्या सीखी थी गणेश जी को रोकने का कारण शिव पार्वती का ध्यान मग्न होना था इस घटना के बाद परशुराम जी को अपनी भूल का आभास हुआ और उन्होंने गणेश जी की महिमा को समझा जिससे उनका क्रोध कम हुआ यह घटना गणेश जी की अपने पिता के प्रति भक्ति और परशुराम जी के प्रचंड क्रोध और समर्पण को दर्शाती है। पूजन में प्रमुख रूप से सर्वश्री शैलेंद्र कुमार सिंह पप्पू, श्री विजय बहादुर कुंवर, श्री राकेश कांत राय, श्री पी एन राय प्लाजा वाले,श्री डॉक्टर उमाशरण पांडे, अंभोज कुमार राय,श्री नागेंद्र मिश्रा,श्री डॉ पी एच राय, श्री उमाशंकर राय उर्फ डब्लू, श्री बी एन राय,अभय कुमार सिंह, सतीश राय श्री अभिषेक राय,श्री भरत सिंह,श्री तारकेश्वर राय अभय सिंह, आशुतोष मिश्रा, श्री राम गोपाल जी, श्री रविंद्र राय, श्री डॉक्टर रोशन, श्री मृत्युंजय राय,बालगोविंद राय जितेंद्र पांडेय, सभा का संचालन संजय राय ने किया और समापन धन्यवाद जयनाथ शर्मा ने किया।

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